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सिंगरौली:कलेक्टर की अध्यक्षता में वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक आयोजित।

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सिंगरौली:कलेक्टर की अध्यक्षता में वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक आयोजित।


जिले में दलहन, तेलहन, सब्जी एवं दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए किसानो को करे जागरूकः- कलेक्टर

सिंगरौली :: कलेक्टर श्री गौरव बैनल के अध्यक्षता में वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई। बैठक के प्रारंभ में वरिष्ट कृषि वैज्ञानिक डॉ. जय सिंह द्वारा जिले में खरीफ एवं रबि फसलो के क्षेत्रफल एवं उत्पादकता, मत्स्योत्पादन के साथ साथ किसानो को दिए जाने वाले पौध संरक्षण एवं पशु प्रबंधन प्रशिक्षण के संबंध में विस्तार से अवगत कराया गया।

बैठक में कलेक्टर ने कहा कि जिले की भौगोलिक स्थिति सभी प्रकार के फसल एवं सब्जियो के उत्पादन के लिए अनुकूल है उन्होने निर्देश दिए कि इस वर्ष की कार्य योजना में दलहन, तेलहन तथा सब्जी उत्पादन के साथ साथ दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए जिले के किसानो को जागरूक करे। समन्वित खेती की प्रणाली में नवीनत उन्नत उत्पादन तकनीको एवं प्रकृतिक खेती की तकनीको को अपनाने हेतु किसानो के बीच इन तकनीको का अधिक से अधिक प्रचार प्रसार भी करायें। उन्होने निर्देश दिए कि फसलो में समन्वित कीट एवं रोग प्रबंधन से संबंधित आवश्यक जानकारी समय पर किसानो को उपलब्ध कराये। ताकि किसानो की फसल की पैदावार अच्छी रहे एवं बाजार में उनके उत्पादन का बाजार में उचित मूल्य मिल सके।

कलेक्टर ने कहा कि फसल विविधीकरण के साथ साथ फसल उत्पादनो में वैल्यू एडिसन किए जाने की आवश्यकता है ताकि आने वाले भविष्य में किसानो के आय में बढ़ोत्तरी की जा सके। उन्होने निर्देश दिए कि कृषक उत्पादक संगठनो के माध्यम से कृषि विपणन एवं किसानो की निर्णयात्मक भागीदारी को बढ़ावा दे। इनके सहयोग के माध्यम से ज्यादा मुनाफे वाले कृषि संबंधी व्यावसाय जैसे ओट्स मील, टमैटो पाउडर, लोकल ब्रांड के पनीर एवं घी के उत्पादन के क्षेत्र में जिले में नये प्रोजेक्टो का संचालन किया जा सके। कलेक्टर ने कहा कि इन सभी प्रोजेक्टो में स्वा सहायता समूह की महिलाओ को भी जोड़े। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि केव्हीके के माध्यम से परम्परगत ज्ञान आधारित कम लागत वाली तकनीको के साथ साथ पर्यावरण अनुकूल फसलो के संबंध में किसानो के लिए प्रशिक्षण सत्रो का आयोजन करे।

कलेक्टर ने कहा कि इन प्रशिक्षण सत्रो में युवा एवं महिला किसानो को आवश्यक रूप से सम्मिलित किया जाये। साथ ही पायलट पोजेक्टर के तहत किसानो को चिन्हित कर उनके माध्यम से बायोफोर्टीफाईड फसल एवं सब्जियों का उत्पादन कराये। ताकि इनके उपयोग से महत्वपूर्ण तत्व जैसे जिंक आदि की उपलब्धता सुनिश्चित कर मातृत्व स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सके। बैठक के अंत में कलेक्टर ने कहा कि सभी विभाग आपस में समन्वय बनाकर कृषि संबंधित कार्य योजना को सफल बनाये।बैठक के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जगदीश गोमे, उप संचालक कृषि अजीत सिंह, उप संचालक उद्यानिकी एच.एल निमोरिया, उप संचालक पशु चिकित्सा एवं डेयरी रविन्द्र जयसवाल, सहायक संचालक मत्स्योउद्योग मनोज अग्रवाल, सहायक संचालक कृषि मनोज सिंह, सतपाल सिंह सहित संबंधित अधिकारी एवं कृषक उपस्थित रहे।

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